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अध्ययन सामग्री

शब्दावली

इस अनुवाद में आने वाले 52 पारिभाषिक शब्द, सरल हिन्दी में। हर शब्द के आगे यह भी दिया है कि वह कितने स्थानों पर आया है।

ईश्वर और उसका संदेशरसूल और उसका कार्यमानना और नकारनासमुदाय और विधानअदृश्य रचनाएँअंतिम दिनग्रंथ की बनावट

ईश्वर और उसका संदेश

परमेश्वर
इस अनुवाद में ‘अल्लाह’ के लिए प्रयुक्त शब्द। इसका आधार क़ुरआन का यह नियम है कि हर रसूल अपनी क़ौम की भाषा में भेजा जाता है, ताकि वह अपनी बात खोलकर कह सके। 1320 स्थानों पर पहला स्थान
जगत प्रभु
सारे संसार को पैदा करने और पालने वाला। अरबी ‘रब्बुल-आलमीन’ का अनुवाद। 16 स्थानों पर पहला स्थान
वह्य
परमेश्वर का अपनी बात अपने नबी तक पहुँचाना। क़ुरआन इसी प्रकार उतरा। 61 स्थानों पर पहला स्थान
ईश्वरीय ग्रंथ
वह पुस्तक जो परमेश्वर की ओर से किसी रसूल पर उतारी गई हो। 12 स्थानों पर पहला स्थान
तौरात
पैग़ंबर मूसा (अ.) को दिया गया ईश्वरीय ग्रंथ। 25 स्थानों पर पहला स्थान
ज़बूर
पैग़ंबर दाऊद (अ.) को दिया गया ईश्वरीय ग्रंथ। 3 स्थानों पर पहला स्थान
इंजील
पैग़ंबर ईसा (अ.) को दिया गया ईश्वरीय ग्रंथ। 14 स्थानों पर पहला स्थान

रसूल और उसका कार्य

नबी
वह व्यक्ति जिसे परमेश्वर अपनी वह्य के लिए चुनता है। 55 स्थानों पर पहला स्थान
रसूल
वह नबी जिसे किसी क़ौम पर सत्य को निर्णायक रूप से स्पष्ट करने के लिए भेजा जाता है। उसके आने के बाद उस क़ौम का फ़ैसला इसी दुनिया में हो जाता है। 266 स्थानों पर पहला स्थान
इंज़ार
सचेत करना। रसूल अपनी क़ौम को परमेश्वर के दण्ड से आगाह करता है। 41 स्थानों पर पहला स्थान
इंज़ार-ए-आम
सचेत करने का वह चरण जिसमें रसूल छिपाकर नहीं, खुलकर पूरी क़ौम को चेतावनी देता है। 22 स्थानों पर पहला स्थान
बशारत
शुभ सूचना देना। मानने वालों को परमेश्वर की दया और सफलता का वचन। 26 स्थानों पर पहला स्थान
इत्माम-ए-हुज्जत
सत्य को किसी क़ौम पर इस प्रकार स्पष्ट कर देना कि अब उसके पास न मानने का कोई बहाना शेष न रहे। 34 स्थानों पर पहला स्थान
तज़्कियह
मानने वालों के मन और आचरण का शुद्धिकरण। 18 स्थानों पर पहला स्थान
तत्हीर
उनके जीवन और समाज से बुराई का परिष्करण, अर्थात उसे साफ़ कर देना। 18 स्थानों पर पहला स्थान
हिज्रत
रसूल और उसके साथियों का अपनी क़ौम को छोड़कर दूसरी जगह चले जाना। यह इत्माम-ए-हुज्जत के बाद होता है। 33 स्थानों पर पहला स्थान
बराअत
रसूल का यह घोषित कर देना कि अब उसका अपनी नकारने वाली क़ौम से कोई संबंध नहीं। 15 स्थानों पर पहला स्थान
दैनूनत
परमेश्वर का न्याय, जो किसी क़ौम पर रसूल के आने के बाद उतरता है। 4 स्थानों पर पहला स्थान

मानना और नकारना

ईमान
परमेश्वर, उसके रसूलों और परलोक को मान लेना। 74 स्थानों पर पहला स्थान
मोमिन
मानने वाला। 28 स्थानों पर पहला स्थान
कुफ़्र
सत्य को जान लेने के बाद उसे नकार देना। 50 स्थानों पर पहला स्थान
काफ़िर
नकारने वाला। 13 स्थानों पर पहला स्थान
शिर्क
परमेश्वर के साथ किसी और को उसकी विशेषताओं में साझी ठहराना। 26 स्थानों पर पहला स्थान
मुश्रिक
वह व्यक्ति जो परमेश्वर के साथ दूसरों को भी उपास्य ठहराता है। 45 स्थानों पर पहला स्थान
मुनाफ़िक़
वह जो ऊपर से मानने का दावा करे और भीतर से न माने। 11 स्थानों पर पहला स्थान
अहल-ए-किताब
वे लोग जिन्हें इससे पहले परमेश्वर का कोई ग्रंथ मिल चुका है, अर्थात यहूदी और ईसाई। 53 स्थानों पर पहला स्थान
क़ुरैश
मक्का का वह क़बीला जिसमें पैग़ंबर मुहम्मद (स.) का जन्म हुआ और जो क़ुरआन का पहला संबोधित है। 77 स्थानों पर पहला स्थान

समुदाय और विधान

उम्मत
वह समुदाय जो किसी रसूल को मानकर उसके साथ जुड़ता है। इस अनुवाद में इसके लिए ‘संघ’ शब्द भी आया है। 4 स्थानों पर पहला स्थान
संघ
देखिए ‘उम्मत’। रसूल को मानने वालों का समुदाय। 25 स्थानों पर पहला स्थान
क़ौम
वह जन-समुदाय जिसे कोई रसूल संबोधित करता है। 152 स्थानों पर पहला स्थान
शरीअत
परमेश्वर का दिया हुआ विधान, जिस पर चलने का आदेश है। 23 स्थानों पर पहला स्थान
सुन्नत
वह धार्मिक परंपरा जो रसूल ने जारी की और जो आचरण के रूप में उम्मत तक पहुँची। 3 स्थानों पर पहला स्थान
जिहाद
परमेश्वर के मार्ग में किया जाने वाला संघर्ष। 28 स्थानों पर पहला स्थान
नमाज़
दिन के निश्चित समयों पर की जाने वाली उपासना। 83 स्थानों पर पहला स्थान
ज़कात
धन का वह निश्चित भाग जो हर वर्ष ज़रूरतमंदों के लिए निकाला जाता है। 30 स्थानों पर पहला स्थान
हज्ज
काबा की वह यात्रा जो वर्ष के निश्चित दिनों में की जाती है। 10 स्थानों पर पहला स्थान
सब्त
यहूदियों का वह साप्ताहिक विश्राम-दिवस जिसमें काम करना उनके लिए वर्जित था। 5 स्थानों पर पहला स्थान

अदृश्य रचनाएँ

फ़रिश्ते
परमेश्वर की वे रचनाएँ जो उसके आदेश पूरे करती हैं और उसकी अवज्ञा नहीं करतीं। 58 स्थानों पर पहला स्थान
जिन्न
परमेश्वर की वह रचना जो मनुष्य की भाँति परीक्षा में है, पर आँखों से दिखाई नहीं देती। 40 स्थानों पर पहला स्थान
इब्लीस
वह जिन्न जिसने आदम के सामने झुकने से इनकार किया और मनुष्य को बहकाने की मोहलत माँगी। 10 स्थानों पर पहला स्थान
शैतान
इब्लीस और उसके साथी, जो मनुष्य के मन में बुरा सुझाव डालते हैं। 90 स्थानों पर पहला स्थान

अंतिम दिन

क़यामत
वह दिन जब यह संसार समाप्त होगा और सब लोग परमेश्वर के सामने उठाए जाएँगे। 179 स्थानों पर पहला स्थान
परलोक
मृत्यु के बाद का जीवन। 125 स्थानों पर पहला स्थान
स्वर्ग
परलोक में मानने वालों का ठिकाना। 60 स्थानों पर पहला स्थान
नरक
परलोक में नकारने वालों का ठिकाना। 178 स्थानों पर पहला स्थान

ग्रंथ की बनावट

सूरह
क़ुरआन का एक अध्याय। क़ुरआन में कुल 114 सूरतें हैं। 112 स्थानों पर पहला स्थान
आयत
सूरह के भीतर की एक इकाई। इस अनुवाद में आयतों को अर्थ के अनुसार अनुच्छेदों में रखा गया है, और हर अनुच्छेद के आगे उसकी आयत-संख्या दी गई है। 184 स्थानों पर पहला स्थान
जोड़ा
दो सूरतें जो विषय की दृष्टि से एक-दूसरे को पूरा करती हैं। क़ुरआन की सूरतें मुख्यतः जोड़ों में रखी हुई हैं। 60 स्थानों पर पहला स्थान
मसानी
क़ुरआन के उन सात भागों के लिए प्रयुक्त शब्द जिनमें ये जोड़े संगृहीत हैं। 1 स्थानों पर पहला स्थान
नज़्म-ए-कलाम
किसी सूरह के भीतर बातों का वह क्रम जिससे उसका विषय खुलता है। इसी क्रम को पहचानना इस व्याख्या-परंपरा की विशेषता है।
मक्की
वह सूरह जो हिज्रत से पहले मक्का में उतरी। 8 स्थानों पर पहला स्थान
मदनी
वह सूरह जो हिज्रत के बाद मदीना में उतरी। 8 स्थानों पर पहला स्थान