मुश्फ़िक़ सुल्तान अल्-मौरिद् इंस्टिट्यूट में असिस्टेंट फ़ेलो हैं।
वे अल्-मौरिद् की प्रश्नोत्तर सेवा का संचालन करते हैं, जहाँ दुनिया भर से आए धार्मिक प्रश्नों के उत्तर दिए जाते हैं। अल्-मौरिद् ऑनलाइन वीकेंड इस्लामिक स्कूल में वे पढ़ाते भी हैं।
उनका काम क़ुरआन की उस व्याख्या-परंपरा में है जो हमीदुद्दीन फ़राही से आरंभ होती है, अमीन अहसन इस्लाही से होकर गुज़रती है, और जावेद अहमद ग़ामिदी तक पहुँचती है।
इसके साथ वे इस्लामी, यहूदी, ईसाई, और हिन्दू धर्मग्रंथों के तुलनात्मक अध्ययन पर भी काम करते हैं। बाइबल की किताब यशायाह (Isaiah) के 42वें अध्याय में पैग़ंबर मुहम्मद (स.) से संबंधित भविष्यवाणी पर उनकी एक पुस्तक God’s Unfailing Servant प्रकाशित हो चुकी है।
यह अनुवाद
प्रस्तुत अनुवाद जावेद अहमद ग़ामिदी के उर्दू क़ुरआन-अनुवाद अल्-बयान का हिन्दी रूपान्तरण है। इसके साथ ग़ामिदी साहब की संक्षिप्त टिप्पणियाँ भी अनूदित हैं।
यह रूपान्तरण मुख्य रूप से उन हिन्दी-भाषी पाठकों के लिए है जिनके लिए फ़ारसी-अरबी शब्दावली सहज नहीं है। इसी कारण इसमें ‘अल्लाह’ के लिए ‘परमेश्वर’ जैसे शब्द अपनाए गए हैं। इसका आधार क़ुरआन का अपना यह नियम है कि हर रसूल अपनी क़ौम की भाषा में भेजा जाता है। इस चुनाव का विस्तृत कारण अनुवादक ने कुछ हिन्दी अनुवाद के बारे में में स्वयं लिखा है।
यह अनुवाद अभी अप्रकाशित है। इस पर सुझाव और सुधार का स्वागत है।
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