सूरह 94

अलम् नश्रह्

मक्की · 8 आयतें · 3 अनुच्छेद

अक्षर
इस सूरह के जोड़े का परिचय

इस सूरह का साझा परिचय उसके जोड़े की पहली सूरह में पढ़ें।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

परमेश्वर के नाम से जो सर्वथा दया है, जिसकी कृपा शाश्वत है।

أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ﴿1﴾ وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ ﴿2﴾ ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ ﴿3﴾ وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ ﴿4﴾

क्या हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल नहीं दिया, (हे पैग़ंबर)? और तुम्हारा वह बोझ तुम पर से उतार नहीं दिया जो तुम्हारी कमर तोड़े दे रहा था? और तुम्हारे लिए तुम्हारी कीर्ति को ऊँचा नहीं कर दिया?

فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا ﴿5﴾ إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا ﴿6﴾

तो (संतुष्ट रहो), इस कठिनाई के साथ (जिसका इस समय तुम्हें सामना है), एक बड़ी सुविधा प्रतीक्षा में है। इस कठिनाई के साथ एक बड़ी सुविधा प्रतीक्षा में है।

فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ ﴿7﴾ وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب ﴿8﴾

इसलिए जब इस कार्य से फुर्सत पा लो तो पूजा-उपासना के लिए कमर बांध लो और अपने प्रभु से लौ लगाए रखो।