सूरह 82
अल्-इन्फ़ितार्
मक्की · 19 आयतें · 5 अनुच्छेद
इस सूरह के जोड़े का परिचय
इस सूरह का साझा परिचय उसके जोड़े की पहली सूरह में पढ़ें।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
परमेश्वर के नाम से जो सर्वथा दया है, जिसकी कृपा शाश्वत है।
जब आकाश फट जाएगा, जब तारे बिखर जाएँगे, जब समुद्र फूट बहेंगे, जब क़ब्रें खोल दी जाएंगी, उस समय, (लोगो, तुम में से) हर व्यक्ति यह जान लेगा कि उसने क्या आगे भेजा और क्या पीछे छोड़ा है।
हे मनुष्य, (तू इस सच्चाई को नहीं मानता? आश्चर्य है), तुझे किस चीज़ ने तेरे उदार प्रभु की ओर से धोखे में डाल दिया है? जिसने तुझे बनाया, फिर तेरे नोक पलक सँवारे, फिर तुझे पूरा अनुपातिक बनाया, इस प्रकार कि जिस रुप में तुझको चाहा, जोड़ दिया।
कदापि नहीं, (उस दिन के बारे में जो कुछ तुम कहते हो, उसका कदापि कोई आधार नहीं है), अपितु (सत्य यह है कि) तुम प्रतिफल को झुठलाना चाहते हो, यद्यपि तुम पर निरीक्षक नियुक्त हैं, बड़े प्रतिष्ठित लिखने वाले, वे जानते हैं जो तुम करते हो।
(उस दिन) भले लोग अवश्य उपहारों में होंगे और बुरे कर्म करने वाले अवश्य नरक में। प्रतिफल के दिन ये उसमें जा पड़ेंगे, इस प्रकार कि फिर कभी उस से ओझल नहीं हो सकेंगे।
क्या तुम समझे उस प्रतिफल के दिन को? बताओ, क्या समझे उस प्रतिफल के दिन को? उस दिन कोई व्यक्ति किसी दूसरे के लिए कुछ नहीं कर सकेगा। मामला उस दिन परमेश्वर ही के हाथ में होगा।