सूरह 78
अन्-नबा
मक्की · 40 आयतें · 5 अनुच्छेद
इस सूरह के जोड़े का परिचय
इस सूरह का साझा परिचय उसके जोड़े की पहली सूरह में पढ़ें।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
परमेश्वर के नाम से जो सर्वथा दया है, जिसकी कृपा शाश्वत है।
ये लोग किस चीज़ के बारे में एक दूसरे से पूछ रहे हैं? क्या उस बड़ी सूचना के बारे में जिससे संबन्धित इनमें से हर एक अपनी सी कह रहा है। (इनकी ये बातें कुछ नहीं), कदापि नहीं। ये शीघ्र ही जान लेंगे। हम फिर कहते हैं कि कदापि नहीं, ये शीघ्र ही जान लेंगे।
(ये देखें तो भला), क्या धरती को हमने पालना और पर्वतों को (उसकी) कीलें नहीं बनाया? और तुमको जोड़ों के रूप में पैदा नहीं किया? और तुम्हारी नींद को तुम्हारे लिए सुख का कारण नहीं बनाया? और रात को परिधान और दिन को जीविका का समय नहीं बनाया? और तुम्हारे ऊपर सात संतुलित आकाश नहीं बनाए? और उनमें एक दहकता दिया नहीं बनाया? और रिसते हुए बादलों से मूसलाधार बारिश नहीं बरसाई कि उससे अनाज और हरयाली और घने बाग़ उगाएँ? यह सब पुकार रहा है कि निस्संदेह निर्णय का दिन एक निश्चित समय है।
जिस दिन नरसिंघा फूंका जाएगा तो तुम झुंड के झुंड चले आओगे। और आकाश खोल दिया जाएगा तो उसमें द्वार ही द्वार हो जाएँगे। और पर्वत चलाए जाएँगे तो वह मरीचिका बन कर रह जाएँगे। सत्य यह है कि नरक घात में है, अवज्ञाकारियों का ठिकाना। इसमें वे लंबे समय तक पड़े रहेंगे। न इसमें ठंडक का स्वाद चखेंगे, न पीने की किसी चीज़ का, गरम पानी और बहती पीप के अतिरिक्त। उनके कर्म अनुसार उनका बदला। वे किसी हिसाब की आशा नहीं रखते थे और हमारी आयतों को उन्होंने बिना संकोच के झूठा कह दिया था और इधर (उनकी) हर चीज़ हमने लिख कर गिन रखी थी। इसलिए अब चखो कि हम तुम्हारे लिए यातना ही बढ़ाएँगे।
अपितु, परमेश्वर से डरने वालों के लिए उस दिन बड़ी सफलता है। (रहने के लिए) बाग़ और (खाने के लिए) अंगूर और (दिल बहलाने के लिए) उठती जवानियों वाली हम उम्र अप्सराएँ और (उनके साथ पीने के लिए) छलकते जाम। वहाँ वे कोई अशिष्ट बात और कोई झूठा आरोप नहीं सुनेंगे। यह तेरे प्रभु की ओर से बदला होगा, उसका उपकार ठीक उनके कर्म अनुसार।
धरती और समस्त आकाशों और उनके बीच की हर चीज़ के प्रभु, परम दयालु परमेश्वर की ओर से। किसी का साहस नहीं कि उसकी ओर से कोई बात करे। उस दिन, जब फ़रिश्ते और जिबरील-ए-अमीन, सब उसके समक्ष क़तार बांधे खड़े होंगे। उस दिन, जब वही बोलेंगे जिन्हें परम दयालु परमेश्वर अनुमति दे और वे उचित बात कहें। यह दिन आना है, इसलिए अब जो चाहे, अपने प्रभु की ओर ठिकाना बना ले। हमने तुम्हें उस दण्ड से सावधान कर दिया है जो पास आ लगा है, उस दिन, जब एक व्यक्ति वह सब कुछ देख लेगा जो उसके हाथों ने आगे भेजा और नकारने वाला पुकारेगा कि काश, मैं मिट्टी होता!