सूरह 62

अल्-जुमुअह्

मदनी · 11 आयतें · 3 अनुच्छेद

अक्षर
इस सूरह के जोड़े का परिचय

इस सूरह का साझा परिचय उसके जोड़े की पहली सूरह में पढ़ें।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

परमेश्वर के नाम से जो सर्वथा दया है, जिसकी कृपा शाश्वत है।

يُسَبِّحُ لِلَّهِ مَا فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ ٱلْمَلِكِ ٱلْقُدُّوسِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَكِيمِ ﴿1﴾ هُوَ ٱلَّذِى بَعَثَ فِى ٱلْأُمِّيِّـۧنَ رَسُولًا مِّنْهُمْ يَتْلُوا۟ عَلَيْهِمْ ءَايَـٰتِهِۦ وَيُزَكِّيهِمْ وَيُعَلِّمُهُمُ ٱلْكِتَـٰبَ وَٱلْحِكْمَةَ وَإِن كَانُوا۟ مِن قَبْلُ لَفِى ضَلَـٰلٍ مُّبِينٍ ﴿2﴾ وَءَاخَرِينَ مِنْهُمْ لَمَّا يَلْحَقُوا۟ بِهِمْ ۚ وَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلْحَكِيمُ ﴿3﴾ ذَٰلِكَ فَضْلُ ٱللَّهِ يُؤْتِيهِ مَن يَشَآءُ ۚ وَٱللَّهُ ذُو ٱلْفَضْلِ ٱلْعَظِيمِ ﴿4﴾

धरती और समस्त आकाशों कि सब चीज़ें परमेश्वर का गुणगान करती हैं। (परमेश्वर), जो सम्राट है, पवित्र है, प्रबल है, बड़ा प्रज्ञावान है। उसी ने उम्मियों के अंदर एक रसूल उन्हीं में से उठाया है जो उसकी आयतें उन्हें सुनाता और उनका शुद्धीकरण करता है, और इसके लिए उन्हें क़ानून और हिकमत की शिक्षा देता है। सत्य यह है कि इससे पहले ये लोग स्पष्ट पथभ्रष्टता में थे — और उम्मियों में से उन दूसरों में भी जो (ईमान ला कर) अभी उनमें नहीं मिले हैं। परमेश्वर प्रबल और प्रज्ञावान है। यह परमेश्वर का अनुग्रह है, जिसको चाहता है, प्रदान करता है और परमेश्वर बड़े अनुग्रह वाला है।

مَثَلُ ٱلَّذِينَ حُمِّلُوا۟ ٱلتَّوْرَىٰةَ ثُمَّ لَمْ يَحْمِلُوهَا كَمَثَلِ ٱلْحِمَارِ يَحْمِلُ أَسْفَارًۢا ۚ بِئْسَ مَثَلُ ٱلْقَوْمِ ٱلَّذِينَ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَـٰتِ ٱللَّهِ ۚ وَٱللَّهُ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿5﴾ قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ هَادُوٓا۟ إِن زَعَمْتُمْ أَنَّكُمْ أَوْلِيَآءُ لِلَّهِ مِن دُونِ ٱلنَّاسِ فَتَمَنَّوُا۟ ٱلْمَوْتَ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ ﴿6﴾ وَلَا يَتَمَنَّوْنَهُۥٓ أَبَدًۢا بِمَا قَدَّمَتْ أَيْدِيهِمْ ۚ وَٱللَّهُ عَلِيمٌۢ بِٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿7﴾ قُلْ إِنَّ ٱلْمَوْتَ ٱلَّذِى تَفِرُّونَ مِنْهُ فَإِنَّهُۥ مُلَـٰقِيكُمْ ۖ ثُمَّ تُرَدُّونَ إِلَىٰ عَـٰلِمِ ٱلْغَيْبِ وَٱلشَّهَـٰدَةِ فَيُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿8﴾

(यहूदी क्या अधिकार रखते हैं कि इस पर आपत्ती करें)? जिन लोगों पर तौरात लादी गई, फिर उन्होंने उसको नहीं उठाया, उनका उदाहरण तो उस गधे के समान है जिस पर पुस्तकें लदी हुई हों। कैसा बुरा उदाहरण है उस क़ौम का जिसने परमेश्वर की आयतों को नकार दिया है! (ये दुष्ट हैं) और ऐसे दुष्ट लोगों का परमेश्वर मार्गदर्शन नहीं करता। इनसे कहो, हे लोगो, जो यहूदी बन गए हो, यदि तुम समझते हो कि दूसरों की तुलना में तुम ही परमेश्वर के प्रिय हो तो मृत्यु की कामना करो, यदि तुम सच्चे हो। परंतु ये अपने उन कर्मों के कारण जो आगे भेज चुके हैं, उसकी कभी भी कामना नहीं करेंगे, परमेश्वर इन दुष्टों से भलीभांति परिचित है। इन्हें बता दो कि जिस मृत्यु से तुम भाग रहे हो, वह तुम्हें आकर रहेगी, फिर तुम उसके सामने प्रस्तुत किए जाओगे जो परोक्ष व प्रत्यक्ष का जानने वाला है और वह तुम्हें बता देगा जो तुम करते रहे हो।

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ إِذَا نُودِىَ لِلصَّلَوٰةِ مِن يَوْمِ ٱلْجُمُعَةِ فَٱسْعَوْا۟ إِلَىٰ ذِكْرِ ٱللَّهِ وَذَرُوا۟ ٱلْبَيْعَ ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴿9﴾ فَإِذَا قُضِيَتِ ٱلصَّلَوٰةُ فَٱنتَشِرُوا۟ فِى ٱلْأَرْضِ وَٱبْتَغُوا۟ مِن فَضْلِ ٱللَّهِ وَٱذْكُرُوا۟ ٱللَّهَ كَثِيرًا لَّعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ﴿10﴾ وَإِذَا رَأَوْا۟ تِجَـٰرَةً أَوْ لَهْوًا ٱنفَضُّوٓا۟ إِلَيْهَا وَتَرَكُوكَ قَآئِمًا ۚ قُلْ مَا عِندَ ٱللَّهِ خَيْرٌ مِّنَ ٱللَّهْوِ وَمِنَ ٱلتِّجَـٰرَةِ ۚ وَٱللَّهُ خَيْرُ ٱلرَّٰزِقِينَ ﴿11﴾

हे मानने वालो, (पैग़ंबर का मूल्य पहचानो और) शुक्रवार के दिन जब (उसकी ओर से) नमाज़़ के लिए अज़ान दी जाए तो परमेश्वर की याद की ओर लगन के साथ चल खड़े हो और व्यापार संबंधी गतिविधि छोड़ो। यह तुम्हारे लिए अच्छा है, यदि तुम जानो। फिर जब नमाज़ समाप्त हो जाए तो धरती में फैल जाओ और परमेश्वर के अनुग्रह की खोज करो और परमेश्वर को अत्याधिक याद करते रहो ताकि तुम सफलता पाओ। इन लोगों की दशा यह है कि जब कोई व्यापार या खेल तमाशे की चीज़ देखते हैं तो उसकी और टूट पड़ते हैं और तुम्हें खड़ा छोड़ देते हैं। इनसे कहो, जो परमेश्वर के पास है, वह खेल तमाशे और व्यापार से कहीं अच्छा है, और सत्य यह है कि परमेश्वर सबसे उत्तम जीविका देने वाला है।