सूरह 110

अन्-नस्र

मक्की · 3 आयतें · 1 अनुच्छेद

अक्षर
इस सूरह के जोड़े का परिचय

इस सूरह का साझा परिचय उसके जोड़े की पहली सूरह में पढ़ें।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

परमेश्वर के नाम से जो सर्वथा दया है, जिसकी कृपा शाश्वत है।

إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ ﴿1﴾ وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًا ﴿2﴾ فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢا ﴿3﴾

जब परमेश्वर की सहायता और विजय आ जाए और तुम लोगों को देख लो कि झुंड के झुंड परमेश्वर के धर्म में प्रविष्ट हो रहे हैं तो अपने प्रभु की प्रशंसा के साथ उसकी स्तुति करो और उससे क्षमा चाहो। निस्संदेह, वह बड़ा क्षमा करने वाला है।